ज़ख़्म
जख्मों पर अपने मरहम ख़ुद लगाने लगे
तेरे हो कर भी हम तन्हा वक़्त गुजारने लगे ।
किसी के अगर आप दिल से हो जाए तो फिर वो
साथ हो या दूर हो ,,,,किसी ओर के बारे में सोच भी नहीं सकते , क्योंकि आपका प्यार, ईमानदारी, आप को ये करने नहीं देगी
ओर अगर आप किसी ओर के बारे में सोच भी रहे हैं तो
फिर वो मोहब्बत तो नहीं है हा कुछ और जरूर हो सकता है
ओर वो कुछ ओर क्या है वो आप सोचिए ।।।
🙆🙆💝💝🙆🙆🙆
Comments
Post a Comment